एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने चालू वित्त वर्ष के लिए देश की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान एक बार फिर कम कर दिया है. एडीबी की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2019-20 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 6.50 फीसदी रहने का अनुमान है. एडीबी के मुताबिक पहली तिमाही में ग्रोथ रेट कम होकर 5 फीसदी पर आ जाने के बाद वित्त वर्ष 2019-20 के लिए वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 6.50 फीसदी किया गया है. इसके साथ ही रिपोर्ट में भारत का जिक्र करते हुए अनिश्चितता जैसे माहौल की बात कही गई है.

क्‍या कहा एडीबी ने एशियाई विकास बैंक की रिपोर्ट में भारत का जिक्र करते हुए कहा गया,  ''मैन्‍युफैक्‍चरिंग और इन्‍वेस्‍टमेंट में गिरावट, बैंकों एवं अन्य वित्तीय संस्थानों द्वारा कर्ज देने में कटौती, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नरमी के अलावा कमजोर होते वैश्विक परिदृश्य से अनिश्चितता का पता चलता है.''  हालांकि एडीबी को अनुमान है कि 2020-21 में जीडीपी ग्रोथ बढ़कर 7.20 फीसदी पर पहुंच जाएगी.
लगातार चौथी बार की कटौती
यह लगातार चौथी बार है जब एशियाई विकास बैंक ने जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को घटा दिया है. इसी साल जुलाई में जीडीपी ग्रोथ को 7 फीसदी कर दिया गया था, जो अप्रैल में 7.2 फीसदी पर था. अप्रैल से पहले एडीबी ने जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7.6 फीसदी का रखा था.एडीबी के ये आंकड़े ऐसे समय में आए हैं जब चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी ग्रोथ किसी एक तिमाही में करीब 7 साल के निचले स्‍तर पर है. सरकारी आंकड़े बताते हैं कि पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में विकास दर 5.8 फीसदी से घटकर 5 फीसदी हो गई है. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की किसी एक तिमाही में सबसे सुस्‍त रफ्तार है.

करीब 7 साल पहले यूपीए सरकार में किसी एक तिमाही में जीडीपी के आंकड़े इस स्‍तर पर पहुंचे थे बता दें कि भारत सरकार 2025 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के लक्ष्‍य पर काम कर रही है. एक्‍सपर्ट बताते हैं कि इस लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए देश की जीडीपी में करीब 9 फीसदी के ग्रोथ की जरूरत है.

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने चालू वित्त वर्ष के लिए देश की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान एक बार फिर कम कर दिया है. एडीबी की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2019-20 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 6.50 फीसदी रहने का अनुमान है. एडीबी के मुताबिक पहली तिमाही में ग्रोथ रेट कम होकर 5 फीसदी पर आ जाने के बाद वित्त वर्ष 2019-20 के लिए वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 6.50 फीसदी किया गया है. इसके साथ ही रिपोर्ट में भारत का जिक्र करते हुए अनिश्चितता जैसे माहौल की बात कही गई है.


क्‍या कहा एडीबी नेएशियाई विकास बैंक की रिपोर्ट में भारत का जिक्र करते हुए कहा गया,  ''मैन्‍युफैक्‍चरिंग और इन्‍वेस्‍टमेंट में गिरावट, बैंकों एवं अन्य वित्तीय संस्थानों द्वारा कर्ज देने में कटौती, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नरमी के अलावा कमजोर होते वैश्विक परिदृश्य से अनिश्चितता का पता चलता है.''  हालांकि एडीबी को अनुमान है कि 2020-21 में जीडीपी ग्रोथ बढ़कर 7.20 फीसदी पर पहुंच जाएगी.
लगातार चौथी बार की कटौती
यह लगातार चौथी बार है जब एशियाई विकास बैंक ने जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को घटा दिया है. इसी साल जुलाई में जीडीपी ग्रोथ को 7 फीसदी कर दिया गया था, जो अप्रैल में 7.2 फीसदी पर था. अप्रैल से पहले एडीबी ने जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7.6 फीसदी का रखा था.एडीबी के ये आंकड़े ऐसे समय में आए हैं जब चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी ग्रोथ किसी एक तिमाही में करीब 7 साल के निचले स्‍तर पर है.

सरकारी आंकड़े बताते हैं कि पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में विकास दर 5.8 फीसदी से घटकर 5 फीसदी हो गई है. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की किसी एक तिमाही में सबसे सुस्‍त रफ्तार है.

करीब 7 साल पहले यूपीए सरकार में किसी एक तिमाही में जीडीपी के आंकड़े इस स्‍तर पर पहुंचे थे.बता दें कि भारत सरकार 2025 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के लक्ष्‍य पर काम कर रही है. एक्‍सपर्ट बताते हैं कि इस लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए देश की जीडीपी में करीब 9 फीसदी के ग्रोथ की जरूरत है.