ग्लोबल बाजारों में बिकवाली और कश्मीर में राजनीतिक हलचल के बीच भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी है. बीते सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी दिन मामूली बढ़त के साथ बंद होने के बाद सोमवार को सेंसेक्‍स 600 अंकों से ज्‍यादा लुढ़क गया. इसी तरह निफ्टी में भी 200 अंकों से अधिक की फिसलन देखने को मिली. सेंसेक्‍स और निफ्टी की यह इस साल की सबसे बड़ी गिरावट है. इस वक्‍त सेंसेक्‍स 620 अंक से ज्‍यादा लुढ़ककर 36 हजार 500 के नीचे आ गया. वहीं निफ्टी 190 अंक की गिरावट के साथ 10 हजार 800 के स्‍तर पर कारोबार करता दिखा. सुबह 9.50 बजे : सेंसेक्‍स 36 हजार 500 के स्‍तर पर कारोबार करता दिखा तो निफ्टी भी 10 हजार 800 के स्‍तर के नीचे आ गया. इस समय बीएसई इंडेक्‍स में यस बैंक के शेयर 6 फीसदी से अधिक टूट गए.जबकि एसबीआई के शेयर में 4 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई.सुबह 9.30 बजे : सेंसेक्‍स 36 हजार 650 के नीचे कारोबार करता दिखा तो निफ्टी भी 10 हजार 850 के स्‍तर पर आ गया. बता दें कि शुक्रवार को सेंसेक्स 99.90 अंकों की तेजी के साथ 37,118.22 पर और निफ्टी 17.35 अंकों की तेजी के साथ 10,997.35 पर बंद हुआ था.सोमवार को शुरुआती मिनटों में एसबीआई, वेदांता, रिलायंस, टाटा मोटर्स, टाटा स्‍टील, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक और एक्‍सिस बैंक के शेयर 2 फीसदी से अधिक गिरावट के साथ कारोबार करते देखे गए. इसके अलावा यस बैंक, ओएनजीसी, कोटक बैंक, एचडीएफसी बैंक, हीरो मोटोकॉर्प, एलएंडटी , पावरग्रिड और महिंद्रा के शेयर भी लाल निशान पर कारोबार करते देखे गए.क्‍या है गिरावट की वजहदरअसल, जम्मू-कश्मीर में बीते कुछ दिनों से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. कश्‍मीर में अचानक अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती के बाद तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. इस बीच, कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट की सेवा बंद कर दी गई है जबकि कई राजनेताओं को

नजरबंद कर दिया गया है. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर कैबिनेट की बैठक भी हो रही है. इस बैठक में कश्‍मीर से जुड़े मामले में कुछ ऐतिहासिक फैसले लिए जा सकते हैं.- इसके अलावा चीन की करेंसी युआन की गिरावट का भी बाजार पर असर पड़ा. बता दें कि युआन में एक दशक की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है और यह डॉलर के मुकाबले 7 युआन से नीचे आ गया है.जबकि एशियाई बाजार में बिकवाली की वजह से भी बाजार पस्‍त नजर आया.इस हफ्ते ये फैक्‍टर करेंगे कामइस कारोबारी सप्‍ताह में शेयर बाजार की चाल काफी हद तक आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति के निर्णय और आर्थिक आंकड़े मिलकर तय करेंगे. दरअसल, आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीसरी दोमाही बैठक के फैसले 7 अगस्त को आने वाले हैं. इस बैठक में एक बार फिर रेपो रेट कटौती का ऐलान हो सकता है.इसके अलावा शेयर बाजार की नजर प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों पर भी रहेगी. इस सप्‍ताह जिन प्रमुख कंपनियों के तिमाही आंकड़े जारी किए जाएंगे, उनमें इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस, सिप्ला, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, गेल, अल्‍ट्राटेक और टाटा स्टील शामिल हैं. वहीं मॉनसून की चाल, ट्रेड वॉर, वैश्विक बाजारों के रुख, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) और रुपये में उतार-चढ़ाव का भी असर शेयर बाजार पर देखने को मिल सकता है.