जम्मू: राज्यपाल प्रशासन ने मंगलवार को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) पर श्रीनगर और उधमपुर के बीच 13 मई से बुधवार की पाबंदियां हटाने का फैसला किया है। इसके बाद अब सिविल वाहनों की आवाजाही बुधवार को भी शुरू हो जाएगी। इस रूट पर अब सिर्फ रविवार को ही सुरक्षाबलों की कानवॉय के दौरान सिविल वाहनों की आवाजाही पर पाबंदियां पूर्व की तरह रहेंगी। हाईवे पर सुरक्षा की समीक्षा के बाद ही पाबंदियों को पूरी तरह से हटाने पर काम किया जाएगा।

राज्य सरकार के अनुसार, श्रीनगर -उधमपुर हाईवे पर पाबंदियां हटने के साथ जेकेएसआरटीसी सहित अन्य वाहनों की बहाल हो जाएगी। मालूम हो कि पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आत्मघाती हमले के बाद राज्य सरकार ने श्रीनगर - उधमपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार और रविवार को प्रात: 4 बजे से शाम 5 बजे तक सिविल वाहनों की आवाजाही पर संसदीय चुनावों का हवाला देते हुए 31 मई तक के लिए पाबंदियां लगा दी थीं। सरकार का कहना है कि राज्य में अब चुनाव समाप्त हो चुके हैं इसलिए इन प्रतिबंधों में राहत दी जा रही है। सरकार के इस फैसले का अधिकांश राजनीतिक दलों ने विरोध किया था। राज्य आधारित पार्टियों का आरोप था कि सरकार विशेष रूप से कश्मीर के लोगों को हाउस अरेस्ट बनाना चाहती है।

 राज्य सरकार ने श्रीनगर-बारामुला के बीच एनएच-44 पर बीचे 22 अप्रैल को (सिर्फ रविवार को) पाबंदियों में राहत दी थी। इसके बाद 2 मई को पाबंदियों को पूरी तरह से हटा लिया गया था।जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर प्रतिदिन सुरक्षाबलों और आम नागरिक वाहनों को मिलाकर लगभग तीन से चार हजार वाहन गुजरते हैं। श्रीनगर निवासी मुजफ्फरशाह सहित कई लोगों ने हाईवे पर आम नागरिकों की आवाजाही पर प्रतिबंध के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

जिस पर सुनवाई करते हुए सोमवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने याचिका को खारिज कर दिया था।