कुछ लोगों को हमेशा सर्दी-जुकाम की शिकायत रहती है जिसमें ज्यादातर मामले साइनस के होते हैं। यह समस्या आम सर्दी के रूप में शुरू होती है और फिर बैक्टीरियल, वायरल या फंगल संक्रमण के साथ बढ़ जाती है। इससे छुटकारा पाने के लिए कई लोग दवाइयों का सेवन करते है लेकिन इनका ज्यादा असर नहीं दिख पाता। इस रोग बचने के लिए दवाइयों के साथ कुछ ऐसे योगासन की मदद ली जा सकती है जो आपके स्वास्थ को भी ठीक रखेंगे।
क्या होता है साइनस?
खोपड़ी में बहुत-सारी हवा भरी हुई कैविटीज (खोखले छेद) होती हैं। ये सांस लेने में मदद करती हैं। इन छेदों को साइनस कहते हैं। जब इन छेदों में बलगम भर जाती है और साइनस बंद हो जाते हैं जिस वजह से व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती है।  
साइनस के लक्षण

  • सिर में दर्द और भारीपन 
  • आवाज में बदलाव 
  • बुखार और बेचैनी 
  • आंखों के ठीक ऊपर दर्द 
  • दांतों में दर्द 
  • सूंघने और स्वाद की शक्ति कमजोर होना 
  • बाल सफेद होना 
  • नाक से येलो लिक्विड गिरने की शिकायत 

योग से करें इलाज
योगासन करने से शरीर स्वस्थ और साइनस से भी राहत मिलती है। चलिए जानते हैं ऐसे ही 4 आसन जो साइनस से राहत दिलाने के साथ-साथ आपको स्वस्थ भी रखेंगे।
सूर्य नमस्कार
साइनस के लिए यह आसन सबसे अधिक फायदेमंद होता है। सूर्य नमस्कार आसन 12 तरीके से किया जाता है  और इसे उगते सूरज की तरफ मुंह करके करना चाहिए। यदि इसे नियमित रूप से किया जाए तो साइनस की समस्या कम हो सकती है। 
हलासन
सबसे पहले जमीन पर लेट जाएं और दोनों हाथों को जमीन पर रख दें। अब सांस को धीरे-धीरे छोड़ें और फिर पैरों को ऊपर की तरफ उठाएं। इसके बाद पैरों को पीछे की तरफ ले जाते हुए उंगुलियों को जमीन पर सटाएं। 2 मिनट तक इस अवस्था में रहे और फिर नाॅर्मल हो जाएं।
उत्तासन
सीधे खड़े हो जाएं। इसके बाद साँस को अन्दर की ओर लेते हुए अपने दोनों हाथों को कमर पर रखें। अब साँस को बाहर छोड़ते हुए नीचे की ओर झुकें। धड यानि अपने ऊपर के हिस्से को सीधा रखें और कमर को ही मोड़ें। दोनों हाथों से जमीन को छूएं और सिर को लटकने दें। अब सिर को पैरों से जोड़ें। कुछ देर इसी अवस्था में रहें फिर कमर को सीधा कर लें।
अनुलोम-विलोम
इसे करने के लिए सबसे पहले सुखासन की अवस्था में आ जाएं। फिर अंगूठे से एक नाक को दबाएं और दूसरी नाक से सांस को अंदर की तरफ खींचें। अब यह प्रक्रिया दूसरे नाक से भी करें। इस योगासन को रोज लगभग 8-10 मिनट तक करें।