अक्सर आपने देखा होगा कि सुबह उठते समय कुछ लोगों के मुंह से लार बहती है। वैसे तो यह समस्या बच्चों के साथ होती है लेकिन कई बार बड़ों में भी यह समस्या देखने को मिलती है लेकिन शायद आप यह ना जानते हो कि मुंह से निकलने वाली लार भी कई बीमारियों के संकेत देती हैं। 
क्यों निकलती है मुंह से लार
वैज्ञानिक भाषा में लार को एक्सोक्राइन ग्रथि भी कहा जाता है। लार खाना पचाने में मदद करती है क्योंकि इसमें जीवाणुरोधी यौगिक, एंजाइम और पानी जैसे कई अवयव पाए जाते हैं। जब चेहरे के नसें रिलैक्स होती है तब ग्लैंड्स लार तैयार करते हैं और सोते समय यह मुंह से बाहर निकलने लगती है। अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं तो घरेलू उपाय करके इससे छुटकारा पा सकता हैं। 
इन बीमारियों का संकेत देती है लार
नाक की एलर्जी
नाक से संबंधित एलर्जी और कुछ खान-पान की चीजों से होने वाली एलर्जी की वजह से अधिक लार का निर्माण होता है।
एसिडिटी
जिन लोगों को एसीडिटी की शिकायत होती है उन्हें भी यह समस्या अधिक होती है। वैज्ञानिकों के अनुसार एसिड रिफ्लक्स एपिसोड्स के कारण गेस्ट्रिक एसिड बनता है। इससे एसोफागोसलाइवरी उत्तेजित होता है और बहुत अधिक लार बनने लगती है।
टोंसिलाइटिस
गले के पीछे टॉन्सिल्स ग्लैंड्स होते हैं, जिनमें सूजन आ जाने से टोंसिलाइटिस हो सकता है। सूजन की वजह से गले का रास्ता छोटा हो जाता है जिससे लार गले से उतर नहीं पाती और मुंह से बहने लग जाती है।
साइनस इंफेक्शन
श्वास नलिका के इन्फेकशन से सांस लेने और निगलने की प्राॅबलम होती है जिसके कारण लार जमा होती है और मुंह से बहने लगती है। इसके अलावा फ्लू के कारण नाक बंद होती है तो आप रात को अपने मुंह से सांस लेते हैं और ऐसे में आपके मुंह से लार बहने लगती है।
सोते हुए डरना
कुछ लोग सोते हुए डरते हैं। इस समस्या का एक लक्षण लार बहना भी है। युवाओं में साइकोपैथोलॉजिकल कारण से ये समस्या होती है। ऐसा भावनात्मक तनाव, ड्रग्स या एल्कोहल की ज्यादा मात्रा और नींद की कमी के कारण भी हो सकता है।
घरेलू उपाय
अधिक लार के बहने को कम करने के लिए कुछ घरेलू उपायों की मदद भी ली जा सकती है। यह घरेलू उपाय असरदार होते हैं।
पानी पीएं
पर्याप्त मात्रा में पानी पीना लार को कम करता है। इसके साथ ही माउशवॉश से गरारे करने से लार बहने को कम किया जा सकता है।
एनिमा क्रिया
जिन लोगों को ये प्राॅबलम है उन्हें ऐसा भोजन करना चाहिए जो जल्दी पच जाए। इसके लिए एनिमा क्रिया करनी चाहिए। यह क्रिया पची हुई खाद्य सामग्री से पानी निकालने और मल बनने की प्रक्रिया में पाचन क्रिया को सहयोग करती है, इस समस्या से छुटकारा मिलेगा।
तुलसी के पत्ते
तुलसी के 2-3 पत्तों को चबाने के बाद थोड़ा-सा पानी पी लें। ऐसा एक दिन में कम से कम 3-4 बार करें। यह उपाय लार के बहने को तेजी से दूर करने में मदद करेगा और इसे दोबारा होने से रोकेगा ।
फिटकरी के पानी से कुल्ला
इस रोग से छुटकारा पाने के लिए फिटकरी को पानी में मिलाकर कुल्ला (गरारा) करें। इसके इलावा भोजन के बाद 1/2 टीस्पून सौंफ और 1 लौंग का सेवन करें। इससे पाचन क्रिया अच्छे से काम करेगी । शुगर फ्री चुइंगम भी ले सकते हैं। इससे मुंह से लार आना बंद हो जाती है।
सुहागा और शहद
500 मि.ली. पानी में 125 ग्राम सुहागा मिलाकर गरारे करें। इसके अलावा सुहागा को शहद को मिलाकर खाएं। ऐसा एक दिन में 3-4 बार करें। इससे लार का गिरना, कब्ज और गैस से राहत मिलती है।