घर में मेहमानों का आना जाना तो लगा ही रहता है। मगर ज्यादातर भारतीय घरों में अक्सर यह देखने को मिलता है कि पेरेंट्स बच्चों पर दबाव बनाने लगते हैं कि वह उन रिलेटिव्स से हाथ मिलाएं, उन्हें गले लगाएं या किस करें, जोकि गलत है। अगर बच्चे ऐसा करने से कतराते हैं तो पेरेंट्स उन्हें यह कहकर फोर्स करते हैं कि वह सिर्फ आपसे मिलने ही इतनी दूर आए हैं तो प्लीज उनसे गले मिलें और प्यार से बात करें।
बच्चों को न करें कन्फ्यूज
पेरेंट्स सिर्फ दूर के रिश्तेदारों के साथ ही नहीं बल्कि क्लोज रिलेटिव्स के साथ भी ऐसा ही करते हैं। ऐसा करते वक्त पेरेंट्स को इस बात का अहसास ही नहीं होता कि वह बच्चों को कितना कन्फ्यूज कर रहे हैं। दरअसल, एक तरफ तो माता-पिता बच्चों को यह सिखाते हैं कि उनके शरीर पर उनका पूरा अधिकार है और कोई भी व्यक्ति उनसे जबरदस्ती कोई काम नहीं करवा सकता। वहीं दूसरी तरफ पेरेंट्स बच्चों को जबरन वह काम करने के लिए कहते हैं जिसे वो करना नहीं चाहते।
अनुमति के बारे में बच्चे को सिखाएं
बच्चों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि कोई भी उनकी अनुमति के बिना उनके शरीर को नहीं छू सकता और ना ही वह ऐसा कर सकते हैं। यहां पर बच्चे की अनुमति या मंजूरी इसलिए जरूरी है कि क्योंकि इस कॉन्सेप्ट को समझकर ही बच्चों को शारीरिक शोषण और दुराचार से बचाया जा सकता है। बच्चे को पता होना चाहिए कि उनका अपने शरीर पर पूरा कंट्रोल है और उनकी मर्जी के बिना कोई उन्हें छू नहीं सकता। 
सम्मान जताने के लिए गले लगना जरूरी नहीं
जरूरी नहीं कि किसी को प्यार और सम्मान जताने के लिए उस व्यक्ति को गले लगाया जाए। लिहाजा माता-पिता के अलावा किसी भी बाहरी व्यक्ति या परिवार के सदस्य के लिए बच्चों द्वारा दूर से नमस्ते या हाय-हेलो कर लेना ही काफी है। पेरेंट्स को चाहिए कि वह यही बात अपने परिवार के सदस्यों को भी बताए कि उन्होंने बच्चे की सुरक्षा के लिए क्या नियम बनाए है, ताकि वह बच्चे के इस व्यवहार का बुरा ना मानें।
बच्चों को सिखाएं अपनी सुरक्षा के तरीके
पेरेंट्स को चाहिए वह बच्चों को अपनी सुरक्षा के तरीके सिखाएं। उन्हें बताएं कि यदि कोई जबरदस्ती पकड़ने की कोशिश करे तो जोर-जोर से चिल्लाएं, ताकि आस-पास के लोगों का ध्यान उसकी तरफ आकर्षित हो। अगर कोई आस-पास नहीं है तो उस आदमी के हाथ पर जोर से काटे और वहां से भागकर भीड़ वाली जगह पर चलें जाएं। बच्चों को समझाएं कि भले ही वह छोटे हैं लेकिन कमजोर नहीं और उन्हें उनकी ताकत का इस्तेमाल करना सिखाए।