लखनऊ। 10 जुलाई 2015 को पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव द्वारा आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को मोबाइल से दी गयी कथित धमकी के सम्बन्ध में पुलिस द्वारा लगायी गयी अंतिम रिपोर्ट के खिलाफ आज अमिताभ द्वारा सीजेएम लखनऊ कोर्ट में प्रोटेस्ट प्रार्थनापत्र दायर किया गया. प्रार्थनापत्र में उन्होंने कहा है कि मात्र मुलायम सिंह के राजनैतिक और सामाजिक रसूख के कारण पुलिस के उनके दवाब में आ कर अमिताभ के साथ घोर अन्याय किया है, जबकि विवेचना से फोन करने की बात सत्यापित हुई है, सीजेएम आनंद प्रकाश सिंह ने प्रोटेस्ट प्रार्थनापत्र पर सुनवाई हेतु दिनांक 03 दिसंबर 2018 की तिथि निर्धारित की है, इससे पूर्व विवेचक सीओ बाजारखाला अनिल कुमार यादव ने पूर्व विवेचक उपनिरीक्षक कृष्णानंद तिवारी द्वारा इस मामले में 12 अक्टूबर 2015 को प्रेषित किये गए अंतिम रिपोर्ट का समर्थन करते हुए 09 अक्टूबर 2018 को पुलिस रिपोर्ट सीजेएम कोर्ट में प्रेषित किया था. साथ ही उन्होंने फर्जी अभियोग दर्ज कराये जाने के संबंध में अमिताभ के खिलाफ धारा 182 आईपीसी में कार्यवाही की भी संस्तुति की थी. अपनी आख्या में श्री अनिल यादव ने कहा था कि सीजेएम कोर्ट के आदेश पर वे मुलायम सिंह के आवास गए थे जहाँ मुलायम सिंह ने अपनी आवाज का नमूना देने से इंकार कर दिया, यद्यपि उन्होंने स्वीकार किया कि यह उन्ही की आवाज है, विवेचक ने कहा कि मुलायम सिंह ने बताया कि मैंने मात्र बड़े होने के नाते अमिताभ को समझाया था, मेरी मंशा उन्हें धमकी देने की नहीं थी, अमिताभ द्वारा बढ़ा-चढ़ा कर आरोप लगाया गया है।