सीबीआई द्वारा सोमवार-मंगलवार की आधी रात को प्रमुख जांच एजैंसी के निदेशक आलोक वर्मा के कार्यालय में मारे गए छापों से क्या मिला? ऐसी चर्चा है कि इंटैलीजैंस ब्यूरो (आई.बी.) के 8 प्रमुख अधिकारियों की एक टीम ने सीबीआई इमारत में प्रवेश किया और सीधा 11वीं मंजिल पर स्थित वर्मा के कार्यालय पर छापा मारा। 
वर्मा अपने नंबर 2 के अधिकारी राकेश अस्थाना से सभी शक्तियां छीनने और डी.एस.पी. दविन्द्र कुमार की गिरफ्तारी का आदेश देने के बाद 22 अक्तूबर को शाम 7 बजे कार्यालय से घर गए। उनको इस बात की भनक भी नहीं थी कि सरकार ने उसी रात उनको पद से हटाने का फैसला कर लिया है। सीवीसी की रिपोर्ट में वर्मा के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश का आदेश सरकार के पास पहुंचते ही उनको छुट्टी पर भेजने का आदेश दिया गया और आईबी टीम उनके कार्यालय में दाखिल हुई। 
मालूम हुआ है कि 53 फाइलें और 16 पैनड्राइव वहां से बरामद की गईं। वर्मा की निजी डायरी भी वहां पड़ी थी। सभी फाइलों की सूची की फोटो कापी की गई। प्रत्येक पृष्ठ की फोटो कापी की गई और पैनड्राइव की भी कापी बनाई गई तथा कम्प्यूटर की हार्डडिस्क को भी कब्जे में लिया गया। उनकी निजी डायरी भी अधिकारी साथ ले गए। अब ये सबूत वर्मा के खिलाफ पेश किए जा सकते हैं बशर्ते इन बरामद फाइलों और पैनड्राइव से अगर कोई आपत्तिजनक सबूत मिला।