इटली की कंज्यूमर अथॉरिटी, इतावली प्रतिस्पर्धा प्राधिकरण (एजीसीएम) ने ऐप्पल और सैमसंग दोनों को सॉफ्टवेयर जारी करने पर कुल 124 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। दोनों कंपनियों पर सॉफ्टवेयर अपडेट के बहाने जानबूझ कर ग्राहकों के फोन को धीमा करने और उसकी कार्यप्रणाली को बिगाड़ने का आरोप है ताकि वही ग्राहक फिर से नया फोन खरीदें। अथॉरिटी ने ऐप्पल पर 10 और सैमसंग पर 5 मिलियन यूरो का जुर्माना लगाया है। 
क्या है मामला

  • एेप्पल ने सितंबर 2016 से अपने आईफोन-6 के यूजर्स को  सॉफ्टवेयर अपडेट की नोटिफिकेशन भेजी।
  • एेप्पल ने जानबूझकर अपने ग्राहकों को आईफोन की बैटरी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी नहीं दी, जिससे सॉफ्टवेयर को अपडेट करने के बाद उनके फोन की स्पीड कम हो गई और हैंग होने लगा।
  • कंपनी ने पिछले साल सॉफ्टवेयर अपडेट बाद आईफोन आईफोन स्लो होने के कारण यूजर्स से माफी मांगी थी। हालांकि बाद में कंपनी ने बैटरी बदले जाने की लागत कम कर दी थी।
  • इसके अलावा, ऐप्पल ने उपभोक्ता संहिता के अनुच्छेद 22 का भी उल्लंघन किया। इसलिए ए.जी.सी.एम. ने ऐप्पल पर 10 मिलियन यूरो (प्रत्येक उल्लंघन के लिए 5 मिलियन) पर जुर्माना लगाया गया है। 

सैमसंग के उल्लंघन में नोट 4 शामिल है

  • मई 2016 से सैमसंग ने उन उपभोक्ताओं को जोरदार सुझाव दिया है जिन्होंने एंड्रॉइड के नए मार्शमलो संस्करण के आधार पर नया फर्मवेयर स्थापित करने के लिए नोट 4 सितंबर 2014 को लाइसेंस लिया था। इसके बाद बिना बताए सॉफ्टवेयर को अपडेट किया गया। सैमसंग को एक उल्लंघन के लिए 5 मिलियन यूरो जुर्माना लगाया गया है।