लखनऊ: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री  मायावती का बंगला अब समाजवादी सेक्युलर मोरचा का दफ्तर होगा, बंगला शिवपाल यादव को मिला है. मायावती यह बंगला खाली कर बगल वाले बंगले में शिफ्ट हो गयी है, अब शिवपाल को यह बंगला आवंटित हुआ तो मायावती और शिवपाल पड़ोसी हो गये हैं, इस आवंटन को राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है. मायावती और अखिलेश साथ चुनाव लड़ने की तैयारी में है. ऐसे में शिवपाल भाजपा के करीब आ सकते हैं. बंगला आवंटित होने के बाद शिवापल ने तुरंत बंगले का जायजा लिया. माना जा रहा है शिवापल इस बंगले में अपना दफ्तर बनायेंगे. उच्चतम न्यायालय के आदेश पर राज्य संपत्ति अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को 15 दिन के भीतर बंगले खाली करने का नोटिस जारी किया था. मायावती का 13ए, माल एवेन्यू स्थित बंगला अब शिवपाल यादव का नया पता बन गया है. मायावती के सरकारी बंगले के सामने दो मुख्य द्वारों के बीच दीवार से सटाकर कांशीराम जी यादगार विश्रामालय स्थलश् का बोर्ड लगा दिया गया था, जिस पर कांशीराम का चित्र भी बना था. हालांकि मुख्य गेट पर श्मायावती, पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेशश् लिखा था. उस वक्त यह सवाल खड़ा होने लगा था कि यह बंगला कहीं काशीराम के नाम से तो नहीं है लेकिन बाद में अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि बंगला मायावती के नाम से ही आवंटित किया गया था. बंगला खाली करने के बाद मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके  भाजपा सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा, गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों के बाद अब कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा सीट पर भाजपा की करारी हार है. भाजपा सरकार की उलटी गिनती शुरू हो गयी है. भाजपा ने उपचुनावों में शासन-प्रशासन की ताकत का दुरुपयोग किया है, लेकिन फिर भी उनको मुंह की खानी पड़ रही है, यह है कि राज्य संपत्ति विभाग का नोटिस मिलने के बाद 15 दिन का समय दिया गया था।