सत्ता के सेमीफाइनल के लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। इस बार भी सत्ता का रास्ता सोशल मीडिया से होकर ही निकलेगा।  युवाओं के बीच व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम की लोकप्रियता का इस्तेमाल अपने-अपने चुनावी फायदे के लिए करने के लक्ष्य से सभी राजनीतिक दल खास रणनीति बना रहे हैं। सभी दलों का मकसद इन सोशल मीडिया साइटों के जरिए युवाओं तक पहुंचना और उन्हें अपने पक्ष में वोट डालने के लिए आर्किषत करना है।
युवाओं को लुभाने के लिए सभी पार्टियों ने बनाई रणनीति
राज्य में अगले कुछ सप्ताह में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए करीब चार करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं। पिछले विधानसभा चुनावों के मुकाबले मतदाताओं की संख्या में करीब 67.53 लाख की वृद्धि हुई है। इन 67 लाख मतदाताओं में शामिल युवाओं की बड़ी संख्या को लुभाने के लिए भाजपा, कांग्रेस और आप ने खास रणनीति बनाई है और आक्रामक सोशल मीडिया कैम्पेन चला रहे हैं। सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाली, राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी अपनी सरकार की उपलब्धियों, योजनाओं, उनकी सफलताओं और अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में मतदाताओं को बताने के लिए व्हाट्सएप,ट्विटर , फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसी लोकप्रिय सोशल साइटों का प्रयोग कर रही है। पार्टी का अपना सोशल मंच ‘भाजपा लाइव’ भी है। 
भाजपा के व्हाट्सएप नेटवर्क से जुड़े हैं 14.5 लाख लोग 
भाजपा के सोशल मीडिया के प्रदेश प्रभारी हिरेन्द्र कौशिक ने बताया कि प्रदेश के 51 हजार बूथों पर पार्टी का एक-एक आईटी कार्यकर्ता तैनात है। इसके लिए मंडल स्तर पर हमने 10 लोगों की टीम बनाई है। जिला स्तर और राज्य के स्तर पर भी सोशल मीडिया की टीमें हैं। उन्होंने बताया कि भाजपा के व्हाट्सएप नेटवर्क से 14.5 लाख लोग जुड़े हुए हैं। प्रत्येक जिले का अपना फेसबुक पेज है। कोटा जिले में ही करीब 1.5 लाख लोग फेसबुक पेज से जुड़े हैं। प्रदेश में करीब 6.5 लाख लोग हमारे फेसबुक पेज से जुड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री के फेसबुक पेज पर करीब 35 लाख लोग जुड़े हुए हैं। 
ट्विटर पर भाजपा से जुड़े हैं करीब 1.35 लाख 
कौशिक ने बताया कि ट्विटर पर भाजपा से करीब 1.35 लाख लोग जुड़े हुए हैं। हमने यू-ट््यूब ङ्क्षलक भी शुरू किया है। हम प्रत्येक सोशल मीडिया साइट पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी युवाओं को अपने पक्ष में करने के लिए सोशल साइटों पर भरोसा कर रही है। पार्टी ने प्रोजेक्ट ‘शक्ति’ के जरिए 8 लाख युवाओं को हाल ही में अपने साथ जोड़ा है।  राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मीडिया प्रभारी डॉक्टर अर्चना शर्मा ने बताया कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस सोशल मीडिया साइटों पर सक्रिय नहीं थी। लेकिन सोशल साइटों पर अन्य दलों की मौजूदगी को देखते हुए हमने इस बार अपनी सक्रियता बढ़ाने का फैसला किया है।  उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोगों की बढ़ती सक्रियता के मद्देनजर यह जनता से जुडऩे का बेहद सशक्त माध्यम बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने इसका उपयोग कांग्रेस और उसके नेतृत्व के खिलाफ नकारात्मकता फैलाने के लिये किया था। लेकिन पार्टी इसका सकारात्मक उपयोग करेगी और इस बार कांग्रेस सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय दिखेगी। 
शक्ति प्रोजेक्ट के जरिए राहुल से कर सकते हैं सीधी बात
शर्मा ने बताया कि कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता बढाने के लिए एक सर्मिपत टीम का गठन किया है। शक्ति प्रोजेक्ट के जरिए युवा कार्यकर्ता कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट से सीधी बातचीत कर सकते हैं। आम आदमी पार्टी (आप) की राजस्थान में सोशल मीडिया टीम के प्रभारी देवेंद्र देव ने बताया कि पार्टी हर उम्मीदवार के लिए एक सोशल मीडिया मैनेजर रखेगी जो जनसंपर्क तथा जनकार्य से जुड़ी प्रत्येक गतिविधि को ट्विटर, फेसबुक एवं व्हाट्सएप पर शेयर करेगा। उन्होंने बताया कि पार्टी के विशेष नंबर पर बीते तीन महीने में 16000 से अधिक मिसकॉल आई हैं जिन्हें पार्टी के सोशल मीडिया नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। पार्टी ने व्हाट्सएप पर एक हेल्पलाइन शुरू की है जिसके जरिए घोषणापत्र के लिए जनता के सुझाव मांगे जाएंगे।