पालमपुर: पुरानी पैंशन बहाली को लेकर सांसदों के घर बाहर अनशन किया जाएगा। 28 अक्तूबर को यह अनशन कर कर्मचारी पुरानी पैंशन प्रणाली को बहाल किए जाने की मांग करेंगे। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश एन.पी.एस. कर्मचारी महासंघ की बैठक भवारना ब्लाक अध्यक्ष सुभाष शर्मा की अध्यक्षता में भवारना में संपन्न हुई। जिसमें प्रदेश अध्यापक संघर्ष मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष प्रवीण कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस बैठक में पुरानी पैंशन बहाली के लिए रणनीति बनाई गई। ब्लाक अध्यक्ष सुभाष शर्मा के अनुसार मई, 2003 के बाद बंद की पुरानी पैंशन को बहाल न करना इस देश के कर्मचारियों के साथ अन्याय है। जिसके चलते 28 अक्तूबर को पूरे देश के सांसदों के घरों के बाहर एक दिन का अनशन रखा जा रहा है। जिसके दिशा-निर्देश स्टेट कार्यकारिणी ने सभी जिलों व ब्लाकों को दे दिए हैं।
अगर इससे भी बात नहीं बनी तो फिर जल्द ही संसद का घेराव किया जाएगा। और 2003 के बाद वालों की पैंशन बंद करने वालों को पुन: पैंशन बहाल करनी पड़ेगी। दूसरी तरफ  अध्यापक संघर्ष मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष प्रवीण कुमार ने संघर्ष मोर्चे का पूरा समर्थन एन.पी.एस. कर्मचारी महासंघ को देते हुए कहा कि बहुत दुख होता है जब 2003 के बाद वाले रिटायर कर्मचारी अपना दुखड़ा रोते हैं। उन्होंने कहा कि ऊषा कुमारी जोकि 2 साल पहले 14 साल सेवाएं देने के बाद ड्राइंग टीचर के पद से रिटायर हुई अभी तक उनका 60 फीसदी ही मिल पाया है। बाकी 40 फीसदी जोकि 5 लाख के करीब है एन.एस.डी.एल. कंपनी ने अपने पास रखा है। और न तो कोई पैंशन मिल रही है और न ही इनकी रकम वापिस की जा रही है। कर्मचारियों के अनुसार हर समय कर्मचारियों को आॢथक व मानसिक रूप से प्रताडि़त करना देश का विकास नहीं कहलाता।
इसे देश की उन्नति नहीं अवनति कहना ही सही है। सभी कर्मचारियों ने एक अंतिम आग्रह उनसे किया है जो शपथ लेने के बाद पैंशन लेने का अधिकार प्राप्त कर लेते हैं कि 2003 के बाद वाले कर्मचारियों की पैंशन बहाल की जाए। अन्यथा आंदोलन होगा जिसकी जिम्मेदारी सभी सरकारों की होगी। इस अवसर पर राजेंद्र मन्हास संघ कोषाध्यक्ष, कुलदीप चंद जिला सलाहकार, विपिन कुमार सहसचिव, रंजीत सिंह, नरेंद्र कुमार, ऊषा कुमारी, रिंकू कुमार, कौशल चंद, मुकेश कुमार, संदीप कुमार, अजय राणा, संघर्ष मोर्चा सदस्य शेलेंद्र सूद, मनदीप व दिनेश पठानियां सहित अन्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।