ganesh chaturthi 2018: गणेश चतुर्थी को शास्त्रों में बहेद खास महत्व प्रदान किया गया है। गणेश चतुर्थी के विषय में ऐसी मान्यता है कि 10 दिन गणपति बप्पा धरती पर निवास करते हैं। जिसे लेकर लोग भी बड़े उत्साह के साथ बप्पा की प्रतिमा को अपने घर में स्थापित करते हैं। गणेश उत्सव भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से लेकर चतुर्दर्शी तक चलता है। माना जाता है चतुर्थी को सभी देवताओं में सबसे पहले पूजे जाने वाले देवता भगवान गणेश का जन्म मध्यकाल में हुआ था। गणपति की कृपा साल भर बनी रहे, इसलिए इस साल 10 दिनों तक चलने वाले इस पर्व पर लोग बप्पा की घर में स्थापना करते हैं। साथ ही उनकी नियमित तौर पर पूजा अर्चना करते हैं। मान्यता है कि बुद्धि के देवता भगवान गणेश की उपासना से कार्यों में सफलता हासिल होती है और साथ ही इंसान को ऐश्वर्य भी हासिल होता है। माना जाता है कि कैलाश पर्वत छोड़कर गणेश भगवान इस दौरान धरती पर अपने भक्तों को आशीर्वाद देने आते हैं।
गणेश चतुर्थी 2018: इस समय करें गणेश-प्रतिमा की स्थापना
भगवान गणेश का जन्म मध्यकाल में होने के कारण इस समय को गणेश जी की स्थापना के लिए काफी शुभ माना जाता है। इस बार 13 सितंबर मध्याह्न में गणेश पूजा का और स्थापना का समय 11:03 से 13:30 बजे तक है।
गणेश चतुर्थी की पूजा की अवधि अनंत चतुर्दशी तक चलती है। इस साल गणेश उत्सव 23 सितंबर 2018 तक चलेगा और रविवार को अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन होगा।
गणेश चतुर्थी 2018 शुभ मुहूर्त 
11:02:34 से 13:31:28 तक
कुल अवधि: 2 घंटे 28 मिनट
समय जब चन्द्र दर्शन नहीं करना है:-
16:08:43 से 20:32:00 तक 12 सितंबर
समय जब चन्द्र दर्शन नहीं करना है:-
09:31:59 से 21:11:00 तक 13 सितंबर