सावन शिवरात्रि 2018 पर 5 मन्त्रों से शिव की पूजा करना बेहद शुभ फल देता है। देवों के देव महादेव को प्रसन्न करने के लिए सावन शिवरात्रि सबसे उत्तम दिन माना गया है। शास्त्रों के अनुसार देवाधिदेव शिव की पूजा-आराधना कुछ विशेष मंत्रों से करने पर महादेव अत्यंत शीघ्र प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं। सावन शिवरात्रि पर शिव को प्रसन्न करने के लिए वैसे तो 'ॐ नमः शिवाय' ही मूल मंत्र है। लेकिन इसके अलावे भी कुछ विशेष और प्रभावशाली मंत्र हैं जिससे महादेव जल्द ही प्रसन्न होते हैं।
इस मंत्र से भोलेनाथ को बेलपत्र चढ़ाना चाहिए
दर्शनं बिल्वपत्रस्य स्पर्शनं पापनाशनम्।।
अघोरपापसंहारं बिल्वपत्रं शिवार्पणम्।।
मनवांछित फल की प्राप्ति के लिए इस मंत्र से शिव का अभिषेक करना चाहिए।
नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मै 'न' काराय नम: शिवाय:॥
मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय
मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मै 'म' काराय नम: शिवाय:॥
शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय
श्री नीलकंठाय वृषभद्धजाय तस्मै 'शि' काराय नम: शिवाय:॥
अवन्तिकायां विहितावतारं मुक्तिप्रदानाय च सज्जनानाम्।
अकालमृत्यो: परिरक्षणार्थं वन्दे महाकालमहासुरेशम्।।
शिव जी की पूजा के दौरान जल चढ़ाने हेतु मंत्र का उच्चारण करना चाहिए 
ॐ वरुणस्योत्तम्भनमसि वरुणस्य सकम्भ सर्ज्जनीस्थो।।
वरुणस्य ऋतसदन्यसि वरुणस्य ऋतसदनमसि वरुणस्य ऋतसदनमासीद्।।
धूप और अन्य सुगंधित पदार्थ का अर्पण इस मंत्र से करना चाहिए
ॐ नमः श्वभ्यः श्वपतिभ्यश्च वो नमो नमो भवाय च रुद्राय च नमः।
शर्वाय च पशुपतये च नमो नीलग्रीवाय च शितिकण्ठाय च।।

उत्तम स्वास्थ्य की कामना के लिए शिव का इस मंत्र से अभिषेक करना चाहिए
महामृत्युंजय मंत्र 
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥