नई दिल्लीः कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भाजपा नीत राजग सरकार पर चुनावी वादों को पूरा नहीं करने और राफेल लड़ाकू विमान सौदे में अनियमितता का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ‘चौकीदार नहीं, बल्कि भागीदार हैं।’ केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि राफेल विमान सौदे के विभिन्न आयामों को लेकर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश से असत्य बोला।  
राहुल मोदी को ‘जादू की झप्पी‘
राहुल ने मोदी की कड़ी आलोचना करने के बाद अप्रत्याशित रूप से उनकी सीट पर जाकर ‘जादू की झप्पी’ दी, जिस पर सदन भौंचक्क रह गया और फिर ठहाकों से गूंज उठा। सदन में सरकार को खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए गांधी ने प्रधानमंत्री पर तीखे हमले करते हुए कई आरोप लगाए। अपनी बात खत्म करके वह प्रधानमंत्री की सीट के पास गए और उनसे गले लगने के लिए उठने का संकेत किया। मोदी ने बैठे-बैठे ही उनसे हाथ मिलाने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया, लेकिन गांधी ने हाथ मिलाने के बजाय गले लगने का इशारा किया। प्रधानमंत्री जब तक कुछ समझ पाते, कांग्रेस अध्यक्ष ने खुद ही झुककर उन्हें गले लगा लिया और वहां से जाने लगे तो मोदी ने आगे निकल चुके गांधी को आवाज लगाकर अपने पास बुलाया और उनसे गर्मजोशी से हाथ मिलाया। प्रधानमंत्री का बायां हाथ गांधी की पीठ थपथपा रहा था।  इस अप्रत्याशित घटना पर सदन में हंसी के फव्वारे छूट गए। इसके तुरंत बाद अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने गांधी से कहा, राहुल जी, सदन के कुछ अपने कायदे-कानून होते हैं। गांधी ने अपनी सीट पर जाकर कहा, यह कांग्रेस और कांग्रेसियों का अपना अंदाज है। आप हमारे ऊपर कितना भी कीचड़ उछालो, हम आपको गले लगाएंगे।
राहुल के मोदी पर आरोप

  • राहुल ने दावा किया कि मैं फ्रांस के राष्ट्रपति से स्वयं मिला था। उन्होंने मुझे बताया कि राफेल विमान सौदे को लेकर भारत और फ्रांस की सरकार के बीच गोपनीयता का कोई समझौता नहीं हुआ है।’’  
  • प्रधानमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए कि राफेल सौदे के प्रारूप को अचानक से क्यों बदला गया और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से कांट्रैक्ट लेकर उस उद्योगपति को क्यों दिया गया जिस पर 35 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। 
  • प्रधानमंत्री  किसानों, रोजगार, भीड़ द्वारा हत्या और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर अपने किए वादों को पूरा करने में विफल रहे।
  • पूरा देश प्रधानमंत्री की ‘जुमला स्ट्राइक’ से परिचित हो गया है।  
  • मोदी ने कहा कि हर खाते में 15 लाख भेजने का वादा और हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा प्रधानमंत्री की ‘जुमला स्ट्राइक’ हैं।