वाराणासीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार से दो दिवसीय उत्तर प्रदेश यात्रा पर जा रहे हैं। इस दौरान वह 340 किलोमीटर लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का शिलान्यास करेंगे। पीएम मोदी वाराणसी से आजमगढ पहुंचेंगे और वहां एक्सप्रेस-वे परियोजना का​ शिलान्यास करेंगे।
इस परियोजना को लेकर सपा का दावा है कि यह पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दिमाग की उपज थी। छह लेन के एक्सप्रेसवे को आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकता है। यह राजधानी लखनऊ को गाजीपुर से जोडेगा। परियोजना का शिलान्यास करने के बाद मोदी एक जनसभा को संबोधित करेंगे।
मोदी अपने संसदीय क्षेत्र के 13वें दौरे पर 14 जुलाई को वाराणसी पहुंच रहे हैं। मोदी इस दौरे में करीब 937 करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण कर वाराणसी की जनता को सौगात देंगे। पीएम अपने संसदीय क्षेत्र सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश को सौगात देने आ रहे हैं। प्रधानमंत्री के इस दौरे में बारिश का खलल किसी भी तरह न हो इसके लिए जिला प्रशासन ने मुकम्मल इंतजाम किए हैं। यहां बनाए गए पंडाल को पूरी तरह से वाटरप्रूफ रखा गया है। साथ भी तेज बारिश अगर हो तो पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज सिस्टम तैयार किया गया है, जिसके जरिए बरसाती पानी जनसभा स्थल के आस-पास इकट्ठा होने के बजाय ड्रेनेज सिस्टम के जरिए समीप के तालाब में जाकर गिरेगा।
15 जुलाई को डीरेका में पार्टी के सेक्टर संयोजकों की बैठक लेने के बाद बाण सागर परियोजना का लोकार्पण करने मिर्जापुर जाएंगे। वहां वह मिर्जापुर मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही जनसभा को भी संबोधित करेंगे। प्रदेश के राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि पीएम के संसदीय क्षेत्र में हर घर से कम से कम एक व्यक्ति से जनसभा में आने की अपील की गई है। प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार किसी सांसद ने अपने संसदीय क्षेत्र में इतना विकास कार्य किया। इससे पहले पिछले सप्ताह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी मिर्जापुर और वाराणसी दौरे पर आए थे। इस बीच एक्सप्रेसवे के शिलान्यास से पहले ही सपा और भाजपा के बीच परियोजना का श्रेय लेने की होड़ मच गई है। 
सुरक्षा -व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
एसएसपी के मुताबिक, प्रधानमंत्री के प्रोटोकॉल को फॉलो करते हुए जो भी सुरक्षा के इंतजाम जरूरी होते हैं, वे सारे तो किए गए हैं। इसके अलावा अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में फौज की मौजूदगी दो दिनों तक बनारस में बनी रहेगी। राजा तालाब स्थित सभा स्थल पर ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। स्पेशल कमांडोज के अलावा एंटी माइंस टीम ने भी मैदान में सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए हैं।